Index Fund vs ETF: Passive Investors के लिए किसमें निवेश करना बेहतर है?

Index Fund vs ETF: Passive Investors के लिए किसमें निवेश करना बेहतर है?
Index Fund vs ETF: Passive Investors के लिए किसमें निवेश करना बेहतर है?

Index Fund vs ETF: Passive Investors के लिए किसमें निवेश करना बेहतर है? – आज के समय में बहुत सारे लोग कैपिटल मार्केट में निवेश करने को लेकर सतर्कता दिखा रहे हैं। वे सुरक्षित रिटर्न दिलाने वाले विकल्पों की ओर अधिक ध्यान दे रहे हैं जिसमें भले ही इक्विटी की तुलना में मुनाफा कम हो लेकिन साथ ही साथ रिस्क भी कम हो। ऐसे में बहुत सारे निवेशक पैसिव फंड्स की ओर ध्यान दे रहे हैं जहां पर उन्हें इंडेक्स की तरह अच्छा और सुरक्षित रिटर्न मिलने की गुंजाइश होती है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि Index Fund vs ETF: Passive Investors के लिए किसमें निवेश करना बेहतर है?

Read More – 2021 में निवेश करने के लिए 5 सबसे बेहतरीन म्युचुअल फंड प्लान

यदि आप पैसिव निवेशक है तो म्यूचुअल फंड में निवेश करना सबसे बेहतर ऑप्शन है क्योंकि इसका उद्देश्य इंडेक्स की तरह ही बेहतर रिटर्न पाना है। यदि आप इक्विटी बाजार में पैसिव तरीके से निवेश करना चाहते हैं तो इसके 2 तरीके होते हैं: पहला, Index Fund और दूसरा ETF (Exchange Traded Fund)। इन दोनों में से किसी एक में निवेश करने से पहले इन दोनों के बारे में जानकारी रखना बहुत ही जरूरी होता है इसीलिए अब हम सबसे पहले आपको बताएंगे कि इंडेक्स फंड क्या होता है?

इंडेक्स फंड क्या है?

इंडेक्स फंड शेयर मार्केट NIFTY50 या SENSEX 30 में शामिल कंपनियों में निवेश करने के लिए निवेशकों द्वारा फंड इकट्ठा करते हैं। इंडेक्स में सभी कंपनियों का जितना वेटेज होता है, स्कीम में उसी अनुपात में उसके शेयर खरीदे जाते हैं। मतलब, इंडेक्स फंड का प्रदर्शन उसके इंडेक्स जैसा होता है। इंडेक्स फंड उन निवेशकों के लिए सबसे अच्छा विकल्प होता है जो रिस्क कम लेना चाहते हैं, भले ही उन्हें थोड़ा बहुत कम रिटर्न मिल जाए। इंडेक्स फंड में नुकसान होने का खतरा कम होता है। इंडेक्स फंड में खर्च की लागत कम होती है और साथ में कुछ फायदे भी मिलते हैं। इसके बारे में हम आपको नीचे बताने जा रहे हैं।

• इस प्रकार के फंड को पैसिवली मैनेज किया जाता है इसीलिए एक्टिवली मैनेज किए जाने वाले फंड के मुकाबले इसमें कम खर्च आता है।
• इसका एक फायदा और है कि इसमें निवेशकों को अलग-अलग फंड में निवेश करने का मौका भी मिलता है जिससे उनके पैसा डूबने का खतरा भी कम रहता है।
• यदि एक कंपनी के शेयर में गिरावट आती है तो दूसरे के कंपनी में ग्रोथ के चलते नुकसान को मैनेज किया जा सकता है।
• इंडेक्स फंड में ट्रेकिंग की गलतियां कम होती है जिससे इसको इमेज करने की सटीकता बढ़ जाती है इसीलिए इसमें रिटर्न का अच्छी तरह से अनुमान लगाया जा सकता है।

ETF क्या है?

ETF इंडेक्स में निवेश करने का मौका देता है जो लोग शेयर में पैसा लगाना चाहते हैं और बिल्कुल भी जोखिम नहीं लेना चाहते वे इस प्रकार के फंड में निवेश कर सकते हैं। फंड मैनेजर इंडेक्स में जो भी शेयर मिलते हैं वह इसी अनुपात में स्टार्ट लेकर ETF बनाते हैं। ETF शेयरों के 1 सेट में निवेश करते हैं और एक खास इंडेक्स को ट्रैक करते हैं। जिस तरह से आप किसी शेयर को खरीदते हैं, इसे भी केवल स्टॉक एक्सचेंज की मदद से खरीद एवं बेच सकते हैं। यदि आप बाजार का रिस्क नहीं लेना चाहते हैं तो ETF में निवेश करना बेहतर ऑप्शन हो सकता है।

ETF में निवेश करना क्यों बेहतर है?

• ETF इंडेक्स का ही एक मूर्त रूप है इसका मतलब यह है कि यदि इंडेक्स में तेजी आएगी तो इन्हें भी फायदा मिलेगा। ETF का एक्सपेंस रेश्यो कम होता है यानी इसमें निवेश करने का खर्च कम लगता है।
• ETF रिस्क को भी अलग अलग करता है। म्यूचुअल फंड में रिस्क भी अलग अलग होता है लेकिन उसमें वर्गीकरण किस के मुकाबले थोड़ा अधिक है।
• यदि आप पोर्टफोलियो में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव की उम्मीद नहीं कर रहे हैं तो ETF में निवेश करना बेहतर ऑप्शन हो सकता है। ETF में टैक्स की देनदारी अन्य शेयरों में निवेश की तरह ही होता है।
• यदि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में रैली आते हैं तो इंडेक्स में भी मजबूती मिलती है जिसका फायदा ETF के निवेशकों को मिलता है

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*