ELSS और ULIP में से किसमें निवेश करना सबसे अच्छा रहेगा?

ELSS और ULIP में से किसमें निवेश करना सबसे अच्छा रहेगा?
ELSS और ULIP में से किसमें निवेश करना सबसे अच्छा रहेगा?

ELSS और ULIP में से किसमें निवेश करना सबसे अच्छा रहेगा? – आज के समय में बहुत सारे लोग अपने पूंजी का किसी ऐसी जगह पर निवेश करना चाहते हैं जहां पर उन्हें अच्छा खासा रिटर्न प्राप्त हो सके। लेकिन निवेश से पहले उनके मन में कई प्रकार की उलझन आती है कि किस में निवेश करना उनके लिए सबसे अच्छा विकल्प रहेगा। बहुत सारे लोग ELSS और ULIP में से किसी एक में निवेश करने को लेकर सोच में पड़े रहते हैं। इसीलिए इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि ELSS और ULIP में से किस में निवेश करना सबसे अच्छा रहेगा?

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ELSS और ULIP दोनों लगभग एक ही तरह के होते हैं। यह सभी शेयर मार्केट के ऊपर आधारित होते हैं और इन दोनों विकल्पों के तहत आप अपने पोली को शेयर मार्केट में इन्वेस्ट कर सकते हैं। दोनों प्रकार के निवेश में आप को इनकम टैक्स की धारा 80 सी के तहत छूट भी मिलेगी। लेकिन यदि आप इन में से किसी एक को चुनना चाहते हैं तो इससे पहले आपको इन दोनों की खासियत ओं के बारे में जानना बहुत ही जरूरी है। इसी आधार पर आप ELSS या ULIP में निवेश कर सकते हैं

ELSS vs ULIP

ELSS (Equity Linked Saving Scheme) और ULIP (Unit Linked Insurance Plan) में से किसी एक में निवेश करने से पहले आपको इनके बारे में पूरी जानकारी कर लेनी आवश्यक होती है। इसीलिए यहां पर हम ELSS और ULIP की तुलना करने जा रहे हैं इसके बाद आप दोनों में से किसी एक की खासियत को समझकर निवेश कर सकते हैं।

  1. यदि आप ULIP में निवेश करते हैं तो इसमें इंश्योरेंस कवर भी मिलता है जबकि ELSS में सिर्फ निवेश किया जा सकता है। इसके अलावा यदि आप ULIP में निवेश करते हैं तो 5 सालों से पहले अपने पैसे को नहीं निकाल सकते जबकि ELSS में 3 सालों से पहले अपने पैसे को नहीं निकाल सकते। यानी ULIP में 5 साल और ELSS में 3 साल का लॉक इन पीरियड होता है।
  2. ULIP में निवेश करने पर आयकर की धारा 80 सी के तहत छूट का भी प्रावधान है। इसमें अधिकतम ₹500000 तक का रिटर्न/लाभ भी धारा 10 (10D) के तहत टैक्स में छूट मिलता है। इसके अलावा ELSS पर लोंग टर्म कैपिटल गैंस पर ₹100000 तक का लाभ टैक्स फ्री होता है जबकि धारा 80 सी के तहत एक वित्तीय वर्ष में ₹500000 तक का निवेश टैक्स फ्री होता है।
  3. यदि आप ULIP में निवेश करते हैं तो आपको यह जानकारी नहीं हो पाती है कि आपके द्वारा निवेश किया गया पैसा कहां पर निवेश किया जा रहा है। इसके अलावा ELSS में निवेश किए गए पैसे की पूरी जानकारी होती है।
  4. ULIP में किए गए निवेश में इक्विटी हाइब्रिड डेट मनी मार्केट या बैलेंस जैसे फंडों में एक से दूसरे फंड में ट्रांसफर करने की सुविधा मिलती है। इसके अलावा ELSS में इस प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिलती बल्कि लॉक इन पीरियड समाप्त होने के बाद इसे सिस्टमैटिक ट्रांसफर किया जा सकता है।
  5. ULIP में 10 सालों की अवधि वाले पॉलिसी के लिए 2.25% और इससे अधिक अवधि वाली पॉलिसी के लिए 3% का शुल्क देना होता है। इसके अलावा ELSS में फंड मैनेजमेंट शुल्क लिया जाता है जो फंड के आधार पर 2% तक हो सकता है। यदि आप ELSS के डायरेक्ट प्लान में निवेश करते हैं तो इसमें कम फीस देना पड़ता है।

ELSS और ULIP में से किसमें निवेश करना सबसे अच्छा रहेगा?

• यदि आप कम समय के लिए निवेश करके अच्छा रिटर्न प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए ELSS एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। इसके अलावा यदि आप अपनी आजीविका चलाने के लिए निवेश किए गए पैसे के ऊपर निर्भर नहीं है तो इसमें लंबे समय के लिए निवेश करके आप अच्छा खासा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

• यदि आप निवेश के साथ-साथ बीमा कवरेज भी प्राप्त करना चाहते हैं तो ULIP सबसे बेहतर विकल्प है। यहां पर आपको मार्केट रिटर्न के साथ-साथ बीमा कवरेज भी मिलता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति ने ₹500000 का बीमा कराया है और उसने 50-50 हजार रुपए का तीन किस्त भर दिया है और अचानक उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसके नॉमिनी को पूरे 5 लाख रूपए मिलते हैं।

• इसके अलावा यदि उसने 9 किस्त भर दिया है और उस समय फंड की मार्केट वैल्यू 6.08 लाख रुपए की है तो उसके नामिनी को बीमा की राशि या फंड वैल्यू में से अधिक वाले रकम को दिया जाता है। यहां पर बीमा की राशि 5 लाख रूपए है और फंड की मार्केट वैल्यू 6.08 लाख रुपए है तो ऐसी स्थिति में नॉमिनी को 6.08 लाख रुपए दिया जाएगा।

• ELSS में 13 से 17% तक का रिटर्न मिल जाता है जबकि इसकी लॉक इन अवधि 3 सालों की होती है। इसके अलावा ULIP में आठ से 10% का रिटर्न मिलता है और इसकी लॉक इन अवधि 5 सालों की होती है। ऐसी स्थिति में ELSS में निवेश करना बेहतर हो सकता है।

निष्कर्ष:

ELSS सिर्फ निवेश से जुड़ा स्कीम है और शेयर मार्केट से जुड़े जोखिमों पर आधारित है। इसीलिए यदि आप शेयर मार्केट का जोखिम लेने को तैयार है जो ELSS में निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा यदि आप मार्केट से जुड़े उतार-चढ़ाव के साथ साथ बीमा कवर भी प्राप्त करना चाहते हैं तो ULIP में निवेश करना बेहतर हो सकता है। आप अपनी सुविधानुसार ELSS या ULIP में से किसी एक में निवेश कर सकते हैं।

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